कविता क्या है ?

एक कवि के हृदय से पूछो कविता क्या है ....

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Sheetal Raghuvanshi
Sheetal Raghuvanshi 26 Oct, 2020 | 1 min read
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मैने स्वयं से पूछा ,कविता क्या है?

तो उत्तर मिला,

कविता ज़िंदगी का साज़ है

कभी ग़रीब की आवाज़ है।



कविता पावसी एहसास है

पिया मिलन की आस है

कभी प्रेम का राग है

बिछोह का अलाप है।


कविता कवि की कल्पना है

जीवन की अल्पना है

अंधे की लाठी है 

अकेलेपन की साथी है।


कविता कवि की प्रेयसी है

विरह की बेबसी है

देश प्रेम का भाव है

जीवन का चाव है।

कविता जाड़े की गुनगुनी धूप है

पतझड़ में बहार है

कभी तपती दोपहरी में ठंडी छाँव है

सर्द रातों में अलाव है।


कविता कवि की बेटी है

पोती है ,नाती है ,नवासी है

ओढ़ना ,बिछौना ,खिलौना है।

कविता बिन सब सुना है।


कविता हृदय में उठे,

ज्वार का बहाव है

सुरम्य,सुंदर, सुकोमल भावना है

कविता कवि के जीवन की प्रस्तावना है!!

----शीतल रघुवंशी


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