मुश्किल में मुस्कान
समाज के अहम पहलू को समेटे कुछ पंक्तियां
Photo by Katie Gerrard on Unsplash
खाने को घर में अन्न नहीं अब खत्म हुआ सामान
बैठा है मजदूर बेचारा कल कैसे होगा जलपान |
चिन्ता के भाव हैं चेहरे पर है बहुत परेशान
मुश्किल में लग रही नन्ही बिटिया की मुस्कान ||
गाती थी, मुस्कराती थी जब लौटूं करके काम धाम
फूंस की नन्ही गुड़िया से जिसकी खिल जाती मुस्कान |
कैसे देख पाऊंगा उसकी क्षुधा न शान्त कर पाउंगा
जिसके आंसू देख नहीं पाता कैसे उसे रूलाउंगा ||
सोच के बिटिया के बारे में बाबा है बहुत परेशान
बिटिया रानी के चेहरे पर मुश्किल में मुस्कान |
देख प्यारी सी मुस्कान मजदूर है बडा़ हैरान
मुश्किल भी लग रही अब उसको बडी़ आसान ||
वो मान गया , पहचान गया , लड़ना है अब आसान
जीवन की हर मुश्किल से जूझने का यही समाधान |
अपनों का हो साथ अगर और मन में हो ये भान
हर परिस्थिति हर मुश्किल में रखो चेहरे पर मुस्कान ||
इससे बडा़ कोई अस्त्र नहीं, इससे बडा़ कोई शस्त्र नहीं
सहनशील और धैर्यवान व्यक्ति की यही है पहचान |
कितनी भी विकट हो परिस्थिति यही लो मन में ठान
साथ हमेशा रखना तुम हर मुश्किल में मुस्कान ||
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