भुलाकर परेशानियाँ गत साल की, नए हो जाते हैं,
पुनः नव संकल्प के साथ चलो नया साल मनाते हैं,
संजोए हैं सपने जो, उज्ज्वल से भविष्य निमार्ण के,
नवोमंग ले सहृदय में उनमें नवाचार के पर लगाते हैं,
भरते हैं उड़ान नई, नई ऊँचाइयाँ पाने की तलाश में,
कर नवसंचार रगों में, नवोत्साह धड़कनों में जगाते हैं,
करें प्रारंभ नए सिरे से सफ़र की, नवीन आशाएं लिए,
लक्ष्यप्राप्ति के मार्ग को नवप्रयासों से प्रशस्त बनाते हैं,
नई-नई चुनौतियाँ भी आजमाएँगी इस नए साल में हमें,
व्याकुलता त्याग, धरकर नवधैर्य निरंतर कदम बढ़ाते हैं,
थे उतार चढ़ाव कई बीते वर्षों में, कभी जीते, कभी हारे,
हार से सीख ले, जीत में विनम्र होना स्वयं को सिखाते हैं,
देख रही हैं राह हमारी कई सफलताएँ बेसब्र हो इंतज़ार में,
नैतिकता के मार्ग पर रहकर नवविजय पताकाएँ फहराते हैं,
वर्तमान के भूगर्भ में, नियति की खेती करते रहे हैं अरसे से,
सींचकर नवस्वेद से स्वप्नबीज, नवीनउपलब्धियाँ उपजाते हैं,
करते हैं प्रयोग जीवन रंगमंच पर नए नए, गुर नए नए सीखेंगे,
नई स्याही लेकर नवीन युक्तियों की, नवीन इक कल सजाते हैं,
होगा हर कुछ नया तो नएपन से संभवतः हृदय विचलित होगा,
अंतर्मन को देके तब नवचेतना चलो नवीन रणनीति अपनाते हैं,
कोहरे की चादर ओढ़े सूर्यदेव भी आज से नूतन किरणें बिखेरेंगे,
तो आओ हम भी नवसंकल्प लिए हर्षोल्लास से नववर्ष मनाते हैं।
BY :— © Saket Ranjan Shukla
IG :— @my_pen_my_strength
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