Acid attack

Acid attack

Originally published in hi
❤️ 2
💬 2
👁 728
Saima
Saima 04 Jun, 2020 | 1 min read
Calculating read time... 0 min left

आखों में सपने लिए एक मासूम सी बच्ची थी।

क्या थी गलती मेरी !?


फिर बदलती ज़िन्दगानी 

कुछ टूटी, कुछ रूठी।

 

फिर एक दिन आया ऐसा,

मुह पर छलका पानी जैसा।


मैं ना डरी, ना झुकी, ना रुकी।

शेरनी हूँ, औरत हूँ मैं।


सीखा अपनी गलतियों से।

खुद ना चाहो तो कोई नही रोक सकता कुछ करने से।


कोई नही रोक सकता हालात को बदलने से।

कुछ पलो में ज़िन्दगानी बदलने से।


आखों में सपने लिए एक मासूम सी बच्ची थी।

और क्या थी गलती मेरी !?


✍?साइमा अहमद ✍?

2 likes

Support Saima

Please login to support the author.

Published By

Saima

saima

Comments

Appreciate the author by telling what you feel about the post 💓

Please Login or Create a free account to comment.