My fight to save the world by words हर किसी के जीवन में कुछ चीजें ऐसी होती,जिनके साथ उन्हें जीवन लो चलाना पड़ता उन्हें सहानुभूति नही सहयोग और प्रोत्साहन दें।
100 शब्दों की कहानी
Photo by Matt Moloney on Unsplash
अरे तुमने देखा राधा को चलने फिरने में असमर्थ है, पर फिर भी कितना सज संवर करती है,शादी की उम्र भी बीत रही ,एक समय बाद इसे कौन पूछेगा,कैसे अपने जिंदगी काटेगी
ऐसा कहते हुए पड़ोस वाली शर्मा जी की औरत शुक्ला जी की औरत से बातें कर रही थीं।
तभी राधा उधर से गुजरी बोली आंटी कितना बढ़िया होता कि आप कहती कि वाह राधा तुम तो बड़ी बहादुर हो,इतने मुश्किलों के बावजूद भी अपनी राह बना ली।
काश की राधा जैसे लोगों के मनोभाव सब समझ पाते।
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