लिव इन के प्रति राय

लिव इन

Ruchika Rai
19 Mar, 2023 • 0 mins read min read • hi
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लिव इन के प्रति राय

Photo by Wan San Yip on Unsplash

आज के इस बदलते परिवेश और कानूनके अनुसार एक वयस्क व्यक्ति अपने निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है और इसके तहत ही कानूनी मान्यता मिलने के कारण लिव इन का प्रचलन बढ़ता जा रहा है पर मेरी नजर में यह पूर्णतया अतार्किक और बेवकूफी भरा कदम है

इसको मैं निम्न बिंदुओं के अंतर्गत दिखाना चाहूँगी।

1.मेरा मानना है कि सिर्फ यह कहकर पुरानी परंपराओं को खारिज करना कि यह आज के समय में प्रासंगिक नही गलत है।

2.नये को स्वीकारना सही है मगर सिर्फ इस तर्ज पर की हम स्वयं को आधुनिक दिखलाये यह गलत है।

3.रिश्तों की मजबूती का आधार परस्पर प्रेम विश्वास और सम्मान होता है और यह जरूरी नही है कि यह लिव इन के साथ ही मिलें।

बल्कि लिव इन ने मुश्किलें बढ़ाई हैं ,अस्थायित्व ,क्षणिक सुखों की लालसा ने इसे पूर्णतः गलत बना दिया है।

और इसका दूरगामी परिणाम भयंकर हो रहे हैं,विशेषकर लड़कियों पर इसका ज्यादा बुरा असर पड़ रहा है।

लिव इन में जन्मे बच्चों का भविष्य संकटमय हो जा रहा है।


पाश्चात्य सभ्यता के नकल से बना लिव इन भारतीय रिश्तों की मजबूती पर सेंध है।

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