ज़िंदा है हम .......................

ज़िंदा है हम ...................................

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rashi sharma
rashi sharma 30 Nov, 2023 | 0 mins read

ज़िंदा है हम तभी तो तुम्हें जी कर दिखा रहे है,

बढ़ते है झड़ते है मुर्झा कर तुम्हें अपने होने का एहसास करा रहे हैं,

रंग बदल कर खुश होने का प्रमाण देते है,

खींच लाते है तुम्हें अपने पास फिर ढेर सारी बात करते हैं ..................................


गर्मी में धूप सेकते है सर्दियों में ओस ओढ़ लेते है,

बारिश में भीग कर हम तरो ताज़ा हो लेते है,

सब मेरे साथी और मैं सभी का हमदर्द हूँ,

सूकुन देता हूँ इंसानों को,

मैं भला किसी से क्या कम हूँ...........................................


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