Preeti Gupta
Preeti Gupta 27 May, 2026
तराज़ू
कभी तोला है जीवन को तराज़ू में , सुख का पलड़ा दुःख से भारी या जीवन की नैया भारी !हमने कैसी ये बाज़ी मारी ,भूल गये इंसानियत सारी इंसा को ही बिठाया इक पलड़े पे खाली! कैसी नीयत तुम्हारी!तोलो मन के भावों को,कितना तुम समझ पाए रिश्तों का मोल ,हंसी बता देगी जीवन का जोड़ जहां बराबर सम्मान रहे वहां तराज़ू क्या करे !

Paperwiff

by preetigupta3

27 May, 2026

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