दानापानी
हम बच्चे है तेरे माँ डाल दे मुहँ में दाना-पानी,
प्यार से पेट नही भरता है,हमको अपनी भूख मिटानी,
भोर भए जाएगी तू,खुद को धूप मे जलाएगी तू,
हमे पालने की खातिर कितने कष्ट उठाएगी तू,
नादान है हर वो प्राणी जिसने माँ की ममता न पहचानी।।।।
Paperwiff
by poojagarg