सिर्फ तुमसे

सिर्फ तुमसे ही दिल्लगी,तुमसे ही खुशी , सब कुछ तुम. ये खयाल आता है जब जब्बाब में आशिक का प्यार उसके पास आता है । यह शायरी ऐसे हि प्यार ऐसे ही इजहार ऐसी ही चाहत से जुड़ी हुए है। धन्यवाद । नेहा यादव।

Originally published in hi
❤️ 0
💬 0
👁 406
Neha yadav
Neha yadav 21 May, 2022 | 0 mins read

सिर्फ तुमसे ये दिल्लगी है मेरी

सिर्फ तुमसे ये हसीं है मेरी

तुम हो तो ये जिंदगी है मेरी

सिर्फ तुमसे ये दिल्लगी है मेरी

कभी न जाना मुझे छोड़कर

सिर्फ तुमसे ही तो खुशी है मेरी

सिर्फ तुमसे सजी है ये दुनिया मेरी

सिर्फ तुमसे ही तो सज़ा है मेरा ये संसार

सिर्फ तुमसे ही तो है एतबार

क्योंकि सिर्फ तुमसे ही तो है प्यार ।।।


नेहा यादव।









0 likes

Support Neha yadav

Please login to support the author.

Published By

Neha yadav

nehayadav

Comments

Appreciate the author by telling what you feel about the post 💓

Please Login or Create a free account to comment.