मेरा देश है, ऐसा देश है मेरा।

आजादी का गान।

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Manoj Kumar Srivastava
Manoj Kumar Srivastava 14 Aug, 2022 | 0 mins read
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Poem

जर्रा जर्रा केसरिया है,

कतरा कतरा धानी।

नीले चक्कर सी डोले है,

भारत भव्य जवानी।

ऐसा देश है मेरा,

ऐसी है इसकी कहानी।

मेरा देश है, ऐसा देश है मेरा।


कोना कोना दमके है,

तिनका तिनका अभिमानी।

बड़े प्यार से बोले है

नफ़रत से है अनजानी।

ऐसा देश है मेरा,

ऐसी है इसकी कहानी।

मेरा देश है, ऐसा देश है मेरा।


कूंचा कूंचा थिरके है,

गली गली मुस्कानी।

हर मुंडेर से कूके है,

मीठी ज़ुबान सम्मानी।

ऐसा देश है मेरा,

ऐसी है इसकी कहानी।

मेरा देश है, ऐसा देश है मेरा।


हिस्सा हिस्सा धड़के है,

हृदय हृदय कुर्बानी।

भरी जोश से रोके है,

कैसी भी हो मनमानी।

ऐसा देश है मेरा,

ऐसी है इसकी कहानी।

मेरा देश है, ऐसा देश है मेरा।


मेरा देश है, ऐसा देश है मेरा,

मेरा देश है, ऐसा देश है मेरा।








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