स्कूल के दिन

स्कूल के दिनों को जितना याद किया जाए काम है जितना उस पर लिखा जाए कम है

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Jyoti agrawal
Jyoti agrawal 29 May, 2020 | 1 min read

स्कूल के दिन 


वो दिन भी सुहाने होते है ,

जब हम बच्चे होते है,

कंधों पर लगाए बस्ता हम स्कूल के लिए चलते है,

वो पानी की बोतल और खाने का टिफिन

लंच से पहले साफ कर देते है 

जब हम बच्चे होते है,

दोस्तो की टोलिया घूमती है इधर उधर तो यहां वहां,

गृहकार्य पूरा ना करने पर डांट पड़ती है,

तो कभी गलत जवाब पर डंडों की बरसात होती है 

जब हम बच्चे होते है।

वो दिन तो सबसे यादगार ही होते है ,

जब हम स्कूल में होते है,

ढेरो सारी यादें बनाते है 

जब हम स्कूल में होते है,

कई कार्यक्रमों में भाग लेते है 

और खूब सीखते और मस्ती करते है 

जब हम बच्चे होते है

जब हम स्कूल में होते है।

ज्योति अग्रवाल


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