हार पर जीत

हर हार, जीत की शुरुआत है, पर मेरे मन मे एक बात है

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Himesh marolla
Himesh marolla 06 Sep, 2020 | 1 min read
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हर हार, जीत की शुरुआत है,

पर मेरे मन मे एक बात है

क्यों हार से मेरा इतना नाता है॥


और नही यह मेरी, मेरे जैसे सभी की बात

कि हम हार-हार कर थक गए

हमारे दिल जैसे रुक से गए

और हमे देखने वाले जैसे हमसे पक गए॥


पर अचानक मेरे मन मे आता है एक विचार

मानों मेरा जुङ जाता है मेरी आत्मा से तार,

और मै सोचता हूँ :-

मेरे अंदर है साहस उतना

ईश्वर के मन मे प्रेम है जितना

उसी समय मै करता हूँ संकल्प कि मुझे कभी नही रुकन,

मुझे कभी नही ढ़टना ॥


मै समझ जाता हूँ और समझाता हूँ :

हार एक माया है,

जिसकी हर एक पर दुख की छाया है॥

लेकिन, साहसी वह है जिसने इसे दूर भगाया है

और हार के डर को भी स्वयं से डराया है॥


अतः! हार से कभी मत डरो

और जब-भी डरो, उस ऊपर वाले को याद करो

अब तक जो कुछ हुआ उसे मन से अलविदा करो!

आज-से मेहनत करो!

आज-से नई शुरुआत करो॥

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