It's over now..

આ આર્ટિકલ સંબંધો વિશેના મારા વિચારો વિશે સમજવા લેખ્યું છે કે કોઈ પણ સંબંધને ઈગોમાં છોડી દીધા પછી પસ્તાવા કરતા એકવાર માફ કરીને સાચવી લેવો જોઇએ.

Divya modh
02 Jul, 2020 1 min read min read gu
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#Relationships
It's over now..

Photo by Jose Chomali on Unsplash

 

ઉપર લખેલો એક શબ્દ કેટલો નાનો છે નહી! પણ કામ કેટલું મોટું કરી શકે મહિનાઓ, ક્યારેક વર્ષો સુધી ચાલેલા સંબંધોને એક પળવારમાં પૂરા કરી નાખે. પણ એ છોડો.. મારે તો અત્યારે તોડવાની નહી પરંતુ જોડવાની વાત કરવી છે.

  હંમેશા આપણે એવું સાંભળતા આવ્યા છીએ કે સંબંધ તોડી દેવો જેટલો સરળ છે એટલું જ મુશ્કેલ એ સંબંધને જાળવી રાખવું છે. બસ આ એક વાતે જ મારા મગજમાં બીજા નવા વિચારને જન્મ આપ્યો એ નવો જન્મેલો વિચાર કઈક આવો હતો "શું સંબંધ તોડી નાખવો ખરેખર સરળ હોય છે"?? પછી હું પોતાની પાસે જ આનો જવાબ માગવા લાગી ત્યારે મને એક જ જવાબ મળ્યો 'ના' .

   જો સંબંધને તોડવો એટલો જ સરળ હોય તો વર્ષો પહેલા કોઈ વ્યક્તિ સાથે થયેલો ઝઘડો યાદ શું કામ રહે? આપણે તો ઝઘડા વખતે કહી દીધું જ હોય છે કે હવે પતી ગયુ બધું , હું તને ક્યારેય યાદ નહી કરું, ક્યારેય તારુ નામ નહી લઉ પણ યાર આપણે એ જ વ્યક્તિ સાથેના ઝઘડાને યાદ કરીએ ત્યારે આપણે એક રીતે એ વ્યક્તિને પણ તો યાદ કરતા જ હોઈએ છીએ ને.અરે એ સમયે થયેલો ઝઘડો યાદ છે મતલબ એ વ્યક્તિ પણ યાદ છે જ બરાબર? હવે તમારા માથી કોઈ એમ પણ કહે કે આ લાગણીઓને 'યાદ ' કહેવાય. હા હું પણ જાણું છું કે આને યાદ કહેવાય  પણ તમે જ કહો કે યાદ કોની આવી શકે ? કોઈ અજાણી વ્યક્તિની યાદ આવે ખરી??યાદ એની જ આવે જેની સાથે લાગણી જોડાયેલી હોય .

 પોઈન્ટ એ છે કે ઇટ્સ ઓવર ...બોલી દેવાથી કોઈપણ સંબંધ સાવ તૂટી નથી જ જતો ઉલટું ઈટ્સ ઓવર બોલવાથી તો વાત સાવ બંધ થઈ જાય છે. નાના ઝઘડાના કારણે પણ જે વાતો થતી હતી એ પણ બંધ થઈ જાય, પછી તો ના ગુસ્સો કરવાના કે ના રિસવાના બહાના મળે . બની શકે કે બંને વ્યક્તિઓને એકબીજાની યાદ આવતી હોય પણ પહેલ કોણ કરે ? બંને વિચારમાં અને ઈગોમાં રહી જઈએ અને અંતમાં અફસોસ સિવાય કઈ જ ન મળે.

માટે કોઈપણ સંબંધને " IT'S Over" કહેતા પહેલા એકવાર "It's Ok" જરૂર કહી જોજો . કદાચ એક સારો સંબંધ ખોઈ બેસતા બચી જશો.

  મારો મતલબ એ નથી કે કોઈ વ્યક્તિએ અપમાન સહીને પણ સંબંધ ને તોડવો ન જોઈએ ક્યારેક એવું પણ બને કે જે સંબંધને આપણે સાચવતા હોઈએ એ સંબધમાં આપણો રોલ માત્ર એક રમકડાં જેવો જ માનવામા આવતો હોય.  આવી સ્થિતિમાં આપણે એ સંબંધને સાવ ભુલાવી દેવો જ બરાબર છે . પણ નાના નાના ઝઘડા જ્યાં માફ કરી શકાય ત્યાં માફી આપીને સબંધો જાળવી લેવા જોઈએ.

 

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