वो लम्हें

वक़्त की तेज रफ़्तार के साथ … हमारी ज़िन्दगी की गाडी इस कदर बिना किसी आवाज के .. बिना किसी आहट के चलती है कि कब आप उम्र के आखिरी पड़ाव पर आ पहुँचते हैं पता ही नहीं चलता …और फिर आपको याद आते हैं… आपके बचपन और आपकी जवानी के वो गुजरे हुए.. खूबसूरत लम्हें | इस एहसास को अपनी कुछ मौलिक स्वरचित पंक्तियों के माध्यम से साझा कर रहा हूँ

Originally published in hi
❤️ 0
💬 0
👁 4
chandra mohan katyal
chandra mohan katyal 08 Aug, 2026 | 1 min read
Calculating read time... 0 min left
#chandramohankatyal, #HindiPoetry, #हिंदीकविता

वक़्त की तेज रफ़्तार के साथहमारी ज़िन्दगी की गाडी इस कदर बिना किसी

आवाज के .. बिना किसी आहट के चलती है कि कब आप उम्र के आखिरी

पड़ाव पर आ पहुँचते है पता ही नहीं चलता …और फिर आपको याद आते

हैं आपके बचपन और आपकी जवानी के वो गुजरे हुए.. खूबसूरत लम्हें |

इस एहसास को अपनी कुछ मौलिक स्वरचित पंक्तियों

के माध्यम से साझा कर रहा हूँ

***

 

वक़्त के वो लम्हें जाने कब गुजर गए,

बेफिक्री के वो आलम कब बिखर गए |

बचपन के वो ठाठ ठिठोले नादानी पल ,

लांघ के वो कब जवां उम्र में उभर गए ||

 

वक़्त के वो लम्हें जाने कब गुजर गए

 

वो गुस्ताख़ धड़कनों के आवारा मंजर,

दिलकश सपनों के सारे रंगीन समंदर |

कब सब हौले हौले धुंधले धुंधले होकर,

रफ्ता रफ्ता बह के जाने किधर गए ||

 

वक़्त के वो लम्हें जाने कब गुजर गए 


अजब ख्वाहिशों की कमबख्ती मारामारी ,

मन की अल्हड़ता की वो मदमस्त खुमारी |

पंख लगे वो कदम कभी जो उड़ते रहते ,

थम गए धीमे धीमे और फिर ठहर गए ||

 

वक़्त के वो लम्हें जाने कब गुजर गए 


इश्क मुहब्बत के दिन थे किसको थी फुर्सत,

कब सोचा था ये हसीन दिन होंगे रुखसत |

यारों की उधमी महफ़िल की चरस चकल्लस,

गुम हो गई और हम कहने को सुधर गए ||

 

वक़्त के वो लम्हें जाने कब गुजर गए 


जीवन का सोंधा बसंत कब पार हो गया ,

भनक लगी न पतझड़ का दीदार हो गया |

नींद की मानो छोटी सी इक झपकी लग गई,

पता नहीं कब उम्र से हो बेखबर गए ||

 

वक़्त के वो लम्हें जाने कब गुजर गए

 

शेष रहा जीवन रस मस्तमलंग पिएंगे,

लचके तन और बहके मन के संग जियेंगे |

ग़मों को कम करने की खातिर याद करेंगे ,

वो रंगीं पल इधर उधर जो छितर गए ||

 

वक़्त के वो लम्हें जाने कब गुजर गए

वक़्त के वो लम्हें जाने कब गुजर गए

 

✍️ ༄ चन्द्र मोहन कत्याल ༄ कवी • लेखक

ग्रेटर नॉएडा, उत्तर प्रदेश-201310, भारत

ईमेल : katyalchandra@gmail.com

#chandramohankatyal,

#HindiPoetry, #हिंदीकविता










र,



ाथ

0 likes

Support chandra mohan katyal

Please login to support the author.

Published By

chandra mohan katyal

chandramohankatyal

Comments

Appreciate the author by telling what you feel about the post 💓

Please Login or Create a free account to comment.