बस पलक भर झपकी थी मैने और तुम गायब हो गए,
बहुत ढूंढा है मेरी निगाहों ने, अब देर हो गई लौट आओ।
एक गलतफहमी, एक गलत वक्त पर देखा गया कृत्य,
माना मेरा भरोसा था कच्चा, अब देर हो गई लौट आओ।
हमने एक दूसरे साथ मिलकर एक पौधे का बीज बोया,
वो अंकुरित हो रहा है अकेले, अब देर हो गई लौट आओ।
शायद मैं गलत हूं या तुम गलत हो या हो गलत हालात,
एक बार समझा तो देते ख़ैर! अब देर हो गई लौट आओ।
Comments
Appreciate the author by telling what you feel about the post 💓
Nice Writeup
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