Psychology article-4

अकेलापन बना आत्महत्या की बजह।

Savita vishal patel
09 May, 2020 • 1 min read min read • hi
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Psychology article-4

अमन की बाहरी उदासी के पीछे उसके अंदर कई प्रकार की हलचल थी।अमन को अधिकतर अकेले रहना पसंद था पर यह उसका स्वभाव नही था।बस वह अपनी बात किसी से कह नही पता था।इसीलिए उसके ज्यादा दोस्त भी नही थे।
उसके माता-पिता दोनो सुबह से शाम तक जॉब में रहते थे ऐसे में अमन को वो ज्यादा समय नही दे पाते थे।।
अमन गुमसुम सा रहने लगा। अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए उसने फेसबुक पर एकाउंट बना लिया।और फेसबुक के जरिये अपना अकेलापन दूर करने लगा।वह खुश रहने की कोसिस में लग गया।फेसबुक पर उसके काफी अच्छे दोस्त बन गए।पर यह सब कुछ ज्यादा समय तक नही चल सका।यहाँ भी उसके दोस्तों ने उसका मज़ाक बनना शुरू कर दिया।अमन ने गुस्से में आ कर अपना फेसबुक एकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया।
जब दो दिन बाद उसने अपना फेसबुक एकाउंट एक्टिव किया तो उसने देखा उसकी सबसे अच्छी दोस्त खुशी का मैसेज था।
'तुमने सिर्फ अपने बारे में सोचा ओर एकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया।तुम्हे जरा भी मेरा ख्याल नही आया में जा रही हूं हमेसा के लिए '।

अमन को कुछ समझ नही रहा था।खुशी उसके बाकी दोस्तो की तरह ही थी।खुशी और अमन फेसबुक पर ही मिले थे औऱ रोज बाते किया करते थे।जब अमन दो दिन ऑनलाइन नही आया तो खुशी बहुत परेशान हो गई थी।
फिर तो अमन औऱ दुखी हो गया।खुशी ने आत्महत्या कर ली और खुशी की आत्महत्या का कारण खुद को मानने लगा और अंदर ही अंदर खुद को कोसने लगा।
खुशी का वहीं मैसेज उसके दिमाक में घूमने लगा। उन दोनो में प्यार तो नही था पर बस एक लगाव और गुड़ाव सा था और अच्छे दोस्त थे बस।
वह रोज अपने दोस्तो से उसके हाल-चाल पूछता।उसे कही न कही डर था कि कही वह खुशी की तरह अपने बाकी दोस्तो को भी ना खो दे और खुशी के इंतजार में सारा दिन  ऑनलाइन रहने लगा।15 दिन तक यही चलता था।
20 दिन बाद खुशी ऑनलाइन आई तो अमन के इतने मैसेज देख कर हैरान रह गई।हर दिन की दिनचर्या वह खुशी को सेंड करता और मानो जैसे खुशी का मैसेज का इंतजार करता हो पर अमन का लास्ट मैसेज देख कर हैरान रह गई ''तुम्हरे जाने के का कारण मैं हूं न?मुझे माफ़ कर दो'' ।
तब से अमन ऑनलाइन भी नही आया था खुशी ने तो अमन मजाक करने की सोची थी।उसे बिलकुल भी अंदाजा नही था कि उसका इतना मजाक इतना बड़ा रूप ले लेगा।उसे अमन की चिंता होने लगी।
फेसबुक से नंबर देख कर खुशी ने अमन के घर कॉल किया तो उसे सिर्फ रोने ओर सिसकियों की आवाज आई।अकेलापन अमन की आत्महत्या का कारण बन चुका था।
खशी शायद अपने आप को कभी मॉफ नही कर पाएगी।


तो चलिए आत्महत्या के बारे में और जानकारी ले-
आत्महत्या-
                 आत्महत्या का अर्थ है स्वम को मारना,जानबूझकर अपनी मृत्यु के कारण बनने के लिए कार्य करना।आत्महत्या अधिकतर निराशा के चलते की जाती है किसका प्रमुख कारण डिप्रेशन हो सकता है।

आत्महत्या करने के कारण-
* किसी भी प्रकार डिप्रेशन होना।
*कोई गम्भीर बीमारी का होना।
*कही किसी किसी ने कभी अपमान किया हो।
*अल्कोहल का उपयोग।
*मानसिक विकृति।
*यदि सहकर्मी ने आत्महत्या की हो।

अगर आप लोगो को मेरा आज का ज्ञान वर्धन आर्टिकल अच्छा लगा हो तो कमेंट में जरूर बताएं।

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