सांता क्लॉज के नाम खत

A letter to Santa Claus

Kumar Sandeep
25 Dec, 2020 • 1 min read • hi
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सांता क्लॉज के नाम खत

Photo by Ignacio R on Unsplash

सांता क्लॉज

नमस्कार आपको 


जन्म लेने से अब तक यही सुनता आया हूँ कि आप क्रिसमस-डे के दिन आकर ज़रूरतमंद शख़्स की हर इच्छा पूर्ण करते हैं। मैं नहीं जानता कि यह कहाँ तक सत्य है। पर हाँ, मैं नास्तिक नहीं। मुझे रब पर पूर्ण भरोसा है। मैं भेद नहीं करता धर्म के आधार पर। मेरी नज़र में हर धर्म हर मजहब के लोग एकसमान हैं। मैंने आपको यह खत लिखने की योजना बनाई आज। इस खत के माध्यम से मैं भी अपनी कुछ इच्छा आपके समक्ष प्रकट करना चाहता हूँ। 

जानता हूँ, आप तक मेरी बात ज़रूर पहुंचेगी। क्योंकि सचे मन से ईश्वर के समक्ष अपनी इच्छा जाहिर करने से ईश्वर हमारी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण करते हैं। तो भला आप कैसे नहीं पूर्ण करेंगे मुझ जैसे नादान बालक की एक छोटी सी अभिलाषा। मैं आपसे ख़ुद के लिए धन,संपत्ति,वैभव नहीं माँग रहा हूँ। मेरे लिए आपने या रब ने जो भी दिया है जैसा भी दिया है उसमें मैं संतुष्ट हूँ, प्रसन्न हूँ।

जब सड़क किनारे ठंड के दिनों में या जेठ की तपतपाती धूप में देखता हूँ गरीब व्यक्ति को तन पर अनगिनत कष्ट सहन करते तो आँखों से आँसू रोकने से नहीं रुकती है। सांता क्लॉज चाहता हूँ कि आप उन गरीब दुखियारे के जीवन से गरीबी का अभिषाप सदा के लिए दूर कर दीजिए। कुछ ख़ुशी उनकी झोली में भी भर दीजिए।

२०२० के आरंभ से ही महामारी के प्रकोप से संपूर्ण जगत त्रस्त है। हमारा राष्ट्र भारत भी अदृश्य शत्रु की चपेट में आने से बच न सका। असंख्य लोगों को अपने स्वजनों से दूर बहुत दूर बेवक्त ही जाना पड़ा ईश्वर के पास। अदृश्य शत्रु कोरोना ने कितनों का जीवन लील लिया। सांता क्लॉज आपसे एक विनती है जिन परिवारों ने अपने स्वजनों को खोया है उन परिवार वालों को दुख सहन करने की हिम्मत दीजिएगा। और हो सके तो कीजिएगा कुछ ऐसा चम्तकार जिनसे खत्म हो जाए संपूर्ण जगत से महामारी का प्रकोप।

             सांता क्लॉज, जानता हूँ मेरी इच्छाएं आप अवश्य पूर्ण करेंगे। यदि आप मेरी ये इच्छाएं पूर्ण करेंगे तो यकीनन मुझे बेइंतहा ख़ुशी होगी। क्योंकि मुझे तब बेहद दुख होता है जब मैं चाहकर भी धनाभाव के कारण किसी ज़रुरतमंद की मदद नहीं कर पाता। और मेरे बस की बात यदि होती तो संपूर्ण जगत से महामारी का नामोनिशान मिटा देता। पर मेरी शक्ति, मेरा सामर्थ्य कुछ भी नहीं है। भूख से बिलखते, रोते जब किसी गरीब परिवार को देखता हूँ सड़क किनारे तो दिल में एक अज़ब बेचैनी होने लगती है। उस वक्त ईश्वर से यही प्रार्थना करता हूँ कि इनके जीवन का हर दुख, दर्द हे प्रभु आप दूर कर दीजिए। अंत में बस इतना कहना चाहूंगा सांता क्लॉज कि आप मेरी इच्छाएं पूर्ण करने की कोशिश ज़रूर कीजिएगा।


धन्यवाद! सांता क्लॉज


©कुमार संदीप

मौलिक, स्वरचित, अप्रकाशित




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Kumar Sandeep
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Kumar Sandeep

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  • Charu Chauhan · 5 years ago last edited 5 years ago

    बहुत अच्छा लिखा है

  • Kumar Sandeep · 5 years ago last edited 5 years ago

    धन्यवाद दी

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