तेरा मेरा रिश्ता

तेरा मेरा रिश्ता जन्मों पुराना था

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Babita Kushwaha
Babita Kushwaha 24 Feb, 2021 | 1 min read
Poetry 1000poems

जब तुमको देखा था, मेरा दिल जोरों से धड़का था,

तेरी एक झलक के लिए वो गलियों का चक्कर लगाना

फिर बालकनी में आकर तुम्हारा झूठा गुस्सा दिखाना

वो तुम्हारा मुस्कुराते हुए सामने से जाना

तिरछी निगाहों से चुप चुप कर मुझे ही निहारना

अब ज्यादा सज धज के निकलने लगी हो

आँखों मे काजल और होंठो पर लाली लगाने लगी हो

सच-सच बताना क्या ये सब मेरे लिए करने लगी हो

आँखों ही आँखों से कर दिया इकरार तुमने भी

क्योंकि मेरी बैचेनी को सिर्फ तुमने ही जाना था

शायद तेरा मेरा रिश्ता जन्मों पुराना था।


©®बबिता कुशवाहा

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Babita Kushwaha

Babitakushwaha

Comments

Appreciate the author by telling what you feel about the post 💓

  • AM · 1 year ago last edited 1 year ago

    Beautiful ❤

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