Lifestyle article#7

घर मे ही पाये डेंड्रफ से छुटकारा

Babita Kushwaha
11 May, 2020 • 0 mins read • hi
❤️ 0 💬 0 👁 933
Lifestyle article#7

दोस्तों गर्मियां शुरू हो गई है और इस मौसम में बालों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। आज मैं आपको बालो को चमकदार और डेंड्रफ फ्री करने के कुछ सुझाव दे रही हु।


मेेरा लेख आपको कैसा लगा कमेंट कर जरूर बताये और लाइक करना न भूलें। धन्यवाद

0 likes
☕

Support Babita Kushwaha

Appreciate this story? Send a small tip to encourage the author to write more great work!

Please login to tip the author.

Babita Kushwaha
Published By

Babita Kushwaha

@Babitakushwaha

Comments

Appreciate the author by telling what you feel about the post 💓

Please Login or Create a free account to comment.

★ Recommended For You

Stories tailored to your recent reading preferences

Trending on Paperwiff
Sonnu Lamba • 14 Oct, 2026 • 1 min read

पंचम स्कंदमाता

नवरात्र का पांचवां दिन, मां स्कंदमाता का ध्यान

4 1
Trending on Paperwiff
Sonnu Lamba • 14 Oct, 2026 • 1 min read

कूष्मांडेति चतुर्थकम्

नवरात्र का चौथा दिन, कूष्माण्डा मां का स्वरूप और अनाहत चक्र पर ध्यान।

4 1
Trending on Paperwiff
Rakesh Nathani • 12 Oct, 2026 • 1 min read

अंतिम संस्कार : लकड़ी

यहाँ इस कहानी का सबसे छोटा और सधा हुआ सार (Summary) है: यह कहानी एक रिटायर्ड प्रोफेसर और उनके बचपन के दोस्त (एक पेड़) की मार्मिक विदाई है। सालों बाद गाँव लौटने पर प्रोफेसर को पता चलता है कि हाईवे बनने के कारण कल उस पेड़ को काट दिया जाएगा। पेड़ बिना किसी शिकायत के अपनी मौत को स्वीकारता है और प्रोफेसर से अपना 'अंतिम संस्कार' करने को कहता है। अंत में, प्रोफेसर उसे काटने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। वे कुल्हाड़ी का लोहे वाला हिस्सा (जो मारने का प्रतीक है) वहीं छोड़ देते हैं और महज़ **लकड़ी का डंडा** अपने साथ ले आते हैं—ताकि उनका दोस्त हमेशा के लिए उनके साथ रह सके।

14 0
Trending on Paperwiff
Rakesh Nathani • 12 Oct, 2026 • 1 min read

अंतिम संस्कार : लकड़ी

यहाँ इस कहानी का सबसे छोटा और सधा हुआ सार (Summary) है: यह कहानी एक रिटायर्ड प्रोफेसर और उनके बचपन के दोस्त (एक पेड़) की मार्मिक विदाई है। सालों बाद गाँव लौटने पर प्रोफेसर को पता चलता है कि हाईवे बनने के कारण कल उस पेड़ को काट दिया जाएगा। पेड़ बिना किसी शिकायत के अपनी मौत को स्वीकारता है और प्रोफेसर से अपना 'अंतिम संस्कार' करने को कहता है। अंत में, प्रोफेसर उसे काटने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। वे कुल्हाड़ी का लोहे वाला हिस्सा (जो मारने का प्रतीक है) वहीं छोड़ देते हैं और महज़ **लकड़ी का डंडा** अपने साथ ले आते हैं—ताकि उनका दोस्त हमेशा के लिए उनके साथ रह सके।

13 0